महाराज श्री प्रेमानंद जी के विरोध में पाखंड
संत प्रेमानंद जी महाराज गुरूदेव का तो कुछ नहीं बिगाड़ना है! आकाश में थूंकोगे तो गंदे खुद ही होंगे आईना तोड़ने से चेहरा नहीं बदलता महाराज प्रेमानंद जी ने वो कहा जो कोई नहीं कहता। उन्होंने समाज को एक आईना दिखाया, और अब उस आईने को तोड़ने की कोशिश हो रही है। पर याद रखिए — आईना तोड़ने से चेहरा नहीं बदलता। 1. सच्चाई से वही तिलमिलाए जिनको महाराज जी का वक्तव्य गाली जैसा लगा महाराज श्री प्रेमानंद जी ने हाल ही में युवाओं के नैतिक पतन पर जो वक्तव्य दिया, उससे वही लोग तिलमिलाए जिन्हें सच्चाई चुभ गई। उन्होंने कहा कि आज के लड़के-लड़कियाँ पवित्र नहीं हैं, क्योंकि वे बहु-संबंधों में लिप्त हैं और सिर्फ देह के आकर्षण में उलझे हैं 👉 इसलिए घर टूट रहे हैं। अब सोचिए — क्या उन्होंने कोई झूठ कहा? क्या कोई सच्चा संत या महापुरुष ये कहेगा कि " बहु-संबंध ठीक हैं" ? नहीं! कभी नहीं। चाहे कोई वेश्या हो, या कोई साधु — हर कोई जानता है कि ऐसा आचरण अधर्म है। लेकिन जब कोई खुद कीचड़ में लथपथ होता है, तब वो कीचड़ को ही धर्म बताने की कोशिश करता है। अब वही लोग जो खुद अपने आचरण से शर्मिंदा होने चाहिए, मह...