श्री कृष्ण वाहिनी एवं स्वधर्म प्रचारक संस्था - सनातन संस्कृति, सेवा एवं आध्यात्मिक जागरण का एक पावन अभियान
॥ जय श्रीकृष्ण ॥
श्री कृष्ण वाहिनी एवं स्वधर्म प्रचारक संस्था में आपका हार्दिक स्वागत है। यह संस्था पूज्य पंडित श्री राजेश जी महाराज के पावन मार्गदर्शन में सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक जागरण के उद्देश्य से कार्यरत है।
संस्था के प्रमुख उद्देश्य
सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार एवं संरक्षण।
भारतीय संस्कृति, संस्कार एवं आध्यात्मिक मूल्यों का संवर्धन।
समाज में धर्म, सेवा, सद्भाव एवं नैतिक जीवन के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना।
युवाओं एवं आने वाली पीढ़ी को अपनी सनातन परंपराओं से जोड़ना।
धर्मग्रंथों के ज्ञान को सरल एवं व्यावहारिक रूप में जन-जन तक पहुँचाना।
संस्था की प्रमुख गतिविधियाँ
📖 प्रत्येक एकादशी पर श्रीमद्भागवत कथा
प्रत्येक एकादशी के पावन अवसर पर लगभग एक घंटे की श्रीमद्भागवत कथा एवं सत्संग का आयोजन किया जाता है।
कथा के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के उपदेश, भक्ति, धर्म एवं जीवन-दर्शन का सरल विवेचन किया जाता है।
सभी श्रद्धालुओं से परिवार सहित सहभागिता का अनुरोध किया जाता है।
🕉 सामूहिक यज्ञोपवीत (जनेऊ) धारण संस्कार
प्रत्येक वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी एवं रक्षाबंधन के पावन अवसर पर सामूहिक यज्ञोपवीत धारण संस्कार आयोजित किया जाता है।
यज्ञोपवीत के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक महत्व की जानकारी दी जाती है।
इच्छुक श्रद्धालु एवं उनके परिवार इस संस्कार में सम्मिलित होकर लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
धर्म संबंधी मार्गदर्शन
यदि किसी सदस्य के मन में सनातन धर्म, श्रीमद्भगवद्गीता, श्रीमद्भागवत, वेद, उपनिषद, रामायण, यज्ञोपवीत अथवा अन्य धार्मिक विषयों से संबंधित कोई प्रश्न हो, तो वे बिना किसी संकोच के पूज्य पंडित श्री राजेश जी महाराज से मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।
जिज्ञासा का सम्मान करना और शास्त्रसम्मत समाधान देना संस्था की प्राथमिकता है।
ज्ञान साझा करने का मंच
गीता, भागवत, वेद, उपनिषद एवं अन्य धर्मग्रंथों से संबंधित प्रमाणिक, प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक सामग्री साझा करने का स्वागत है।
ऐसा ज्ञान साझा करें जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला हो।
समूह की आचार संहिता
केवल सनातन धर्म, आध्यात्मिकता एवं संस्था से संबंधित विषय ही साझा करें।
राजनीति से संबंधित पोस्ट या टिप्पणी साझा न करें।
किसी व्यक्ति, समाज, जाति, धर्म या संगठन के प्रति अपमानजनक, कटु या विवादास्पद भाषा का प्रयोग न करें।
असत्य, अप्रमाणिक अथवा भ्रामक जानकारी साझा करने से बचें।
सभी सदस्यों का सम्मान करें तथा मर्यादित एवं शालीन भाषा का प्रयोग करें।
समूह में सकारात्मक, प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक वातावरण बनाए रखें।
हमारा संकल्प
धर्म से जुड़ें।
संस्कारों को अपनाएँ।
सेवा को जीवन का आधार बनाएँ।
समाज में सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करें।
सनातन संस्कृति के प्रकाश को जन-जन तक पहुँचाएँ।
॥ धर्मो रक्षति रक्षितः ॥
॥ जय श्रीकृष्ण । हरिः ॐ ॥

Comments
Post a Comment